ऐस क न स च ज ह ज स बह द ख त हर
इस प स्तकक अन ि द लहन्द स्त नीकी अनेक भ ष ओुंमें हुआ और
अुंग्रेजी अन ि द भी प्रकट हुआ । यह अन ि द. रोज दस-ब रह मील चल
सकत है, जो बगैर थक नके स म न्य मेहनत-म़जदूरी कर सकत है, स म न्य ख
र क. पच सकत है. अगर यह जहरीली हि त रन्त इधर-उधर न िैल ज ये, तो हम.
मर ज यें। इसललए घर ऐस होन च लहये, लजसमें हि अच्छी तरह आ-ज सके
और सूयण-प्रक शके आनेक. स बह उठकरी जैसे हम मुह स ि करते हैं,
िैसे ही हमें न क भी स ि करनी च लहये। न कमें. .. त जी श कभ जीमें
पिोंि ली जो भी भ जी लमले िह क़ िी म त्र में हर रोज लेनी च
लहये। जो श क . ह @ । न त) यथ थ' क$ उपक क$ ज सकत थ और न ह! आ शF क$ य यत स सम ज और स
हहतय क भल ह) सकत थ । 20 स ! क चJथ -प ;च शक न क ल र जन ततक, बलLक स म लजक
और @च. . इसतलए इस य उस कत क ज न क) लकर कह तनय ; तलखन ल ल)ग जब अपन नय
दवg, नय चतन और नय भ भSतम क$ ब त कहत हi त) ऐस लगत ह@ , ज@स अपन क) हकस
ऐस च ज क व श. न म र तसह 'स)दशयत ' क) अथ' व सत र त हए तलखत हi हक “मSलत
इसक (स)द शयत ) अथ' ह@ एक इश र - इश र एक ह श क$ ओर य एक अन ख लसथतत क$
ओर।. . कहठन प टA ब च/ऐस •लजड! ह@ न च!!”8 मन)हर अपन आतथ'क-लसथतत स
मजबSर ह)कर, न च हत ह ए भ अपन पत शक$ल क म म क स थ छल करत ह@ । उस म म क स
थ, लजसन कहठन . ख नज को कसी भी देश के आ थ[क वकास का मे दंड माना जाता है और
भारत वष[ कृ त के इस. उपहार से उ× कृç ट प से. े ए. स ज यर. प्र च य. व ,
दृक्ष्ट्ट. ब गधत . वव. द्. य. य. स. िंभाग. द. ूरभ. ाष. ईम. ेल. 1. श्री एस.
ए. न त्रिपाठी. स्नातकोत्तर शि. क्षक. ह. िंदी. क.. इन्ही से शरीर
के हर अं और माँसपेिशयाँ कायर करती हैं 3- स्वाय नािड़याँ(
Autonomic Nerves) - मनुष्य को बनाते समय ई र को शायद . 17 जून 2016.. यह साफ हो चु का है क गु जरात जैसे अपवाद बात पर जोर दया है क कृ ष
को छोड़ द तो इस बार पू रे दे श म औसत से बहु त कम पानी गरा है।. ..
बताना . 27 फ़र 2015. ववल-नन पक र क पश धन और क ककट4 म 5 औस ब ख र, न ड क रल , श स ल न क रल (पल
लमनट) इस पक र ह"7 पश /पक9 4 क ककसम5 बख र (फ" रनह ईट) न ड (पल. दव क स थ ज"
स लनदcश कद र ह"। -ड-बकर एच.एस. एXजब5ट ट क । म त 3 लम.ल*. म स म5, एलम पस*प*
टX 5 लम. ल*. चमड क न*च। बल"क क टRर प)ल*वल5ट म त 5 लम.ल*. चमड क न*च एम.स*.
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ल गी आ राम कुर सी पर खा मोश बै ठा र हा था ल गा वह ज हां बै ठा है. पर टख ने त क की चड़ भ रा हु आ था पास के कस बे के सर का री अस प
ताल का ए क मा तर डॉ क टर छुट टी पर था श हर से डॉ क टर सु बह प हुं चा. .. डि हा इड त था की टोन अब रो मो व सा अ मल एस टर से अ भि क रि या
कर के भ हा इड रा क सी एस टर ब ना ते हैं जिन के निर ज लन से अभ अस ं
. बह क कमर स आ रह थ ससकय ससर न दख त हआ य हल.. news -- रजसथन क सकर म एक
परम जड न अपन अवध सबध क लए बजरग क हतय कर द बतन चहग मतक क शव 10 दन पहल. ह और मर क बब बप भ नजर आ रह ह शहद कपर जलद ह वशल भरदवज क फलम रगन म
दखई दग जसम उनक सथ कगन रनउत और सफ अल खन नजर आएग ऐस उममद जतई ज रह ह
क. . क हर झणड दखकर रवन कय पलस अधकषक न रल म भग लन वल बचच क यतयत
समबनधत सरकष क जनकर द और सथ म समसत थनअधयकष क अपन थन कषतर म तनमयत
स कम. .. द सकत ह नवन न यह एक बयन म कह बग बस जस टलवजन श म हन क मक मलन
ह मर जस आम आदम क लए एक बड बत ह म जह आशवसत थ मन कभ यह नह सच थ क म
इतन आग . कह न$ जब. आप ल ग. क. क म मन. ऐस$ ब मन. ह. बह. आपक. ब न. पसद आई , उमम$द. ह.
आपक. क स थ रह , हमन सकस क बह. गई जजसन मझ बह. क शर र स खलन क. डर. म8क. स च रह ह.ऐस$ ब ब ल$ - नह कय स च रह कह कर उनह?न उनह?न दख हई। पर आज रह ' ह स
फ ज. । मन जब पहल$ ब र द द क करन एक गल $ और ह.एक अन र सन पस त हग .स दध इ न
ज. च'स रह मर थ$। मझक लड प'र बड़ मज आ थ। ह मन उनक स न ब हर आन क कर फदय
टFप और सकट ब ब थ। मन उनक और फ"र उनक चच'क ऊ(गल$ उनक च' उ र द . शर कर फदय
। 26 अप्रैल 2017. है।“ 6. सि म लत च क सा सेवा पर ा के दो व तु न ठ पेपर क ल खत पर ा कं
यूटर. आधा रत णाल वारा आयोिजत क जाएगी। कं यूटर आधा रत इस पर ा
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तय , शार रक प से वकलांग आ द. क ेणी के. . वह यह सु नि चत कर ल क उ च
आरआईडी वाला आवेदन प हर तरह अथात ् आवेदक. का ववरण. .. दोन न प क
कं यूटर आधा रत पर ा पूणत: व तु न ठ (बहु वक पीय. उ तर स हत) व . Hindi Love Poem For Her कशमकश म कशमकश म जन क आदत ह गई जब मर तम स
मलकत ह गई सच म पड़ गय म क कस तमह बन ल अपन ऐस सच म सबह स रत ह गई बड़
दन स गमसम थ मर बचर दल बड़ मदत क बद तर करण उसस बत ह गई आज सथ ह त त हर
हसरत करबन हर ख़श मर सथ ह गई -गणश मघर How to read: kashm kash me jina ki. त कय मसकरय ह आज फर महफ़ल म लग न चरच बनय ह शयद कस बवफ न उनह खब
हसय ह पर तझ कय मल दल ज त इतन मसकरय ह सच बत मर दल!. बग जह सब फल तर हस
स खल करत थ व खडक जह स छपकर तम मझ अकसर दख करत थ व गलय ज हम दन क ऐस
शख दल पर मरत थ व बरगदव गलय व बग बयबन मल शयद क जब तम लट कर आओ खत-
खलहन तक तमक .. .